Unnao case: पुलिस, पीएसी को चकमा दे भीम आर्मी प्रमुख से मिले परिजन, पीड़िता से न मिलने देने पर हंगामा

भीम आर्मी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष के गांव पहुंचने और पीड़ित परिजनों से मिलने की सूचना पर पुलिस बल के अलर्ट होने के बाद भी परिजन चकमा देकर गांव से निकल गए।  लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सोहरामऊ कस्बा स्थित एक ढाबा में उनसे मुलाकात कर आपबीती बताई। परिजनों से मिलने के बाद सरकार पर निशाना साधते हुए खुलासे को फर्जी बता सीबीआई जांच की मांग कर वह कानपुर में भर्ती किशोरी से मिलने की बात कह हाईवे के रास्ते निकल गए।

पुलिस को जब इस बात की भनक लगी तो अधिकारियों को होश उड़ गए। मृतका के भाई से गांव से बाहर निकलने की बात पूछी गई तो उसने दो टूक कह दिया कि वह गांव में रहे या बाहर जाए कोई उसे रोक नहीं सकता। सोमवार सुबह पुलिस अधिकारियों को पता चला कि भीम आर्मी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर संगठन के लोगाें के साथ मृत बुआ-भतीजी के परिजनों से मिलने गांव पहुंच रहे हैं। सूचना मिलते ही घटाया गया पुलिस बल फिर से तैनात कर दिया गया।

गांव जाने वाले हर मार्ग पर बैरियर लगा पूर्व की तरह पुलिस बल की ड्यूटी लगाकर उन्हें अलर्ट कर दिया गया। गांव में भी पीएसी बल को निर्देश दिए गए कि कोई भी बिना आदेश किसी बाहरी को अंदर न आने दिया जाए। एएसपी वीके पांडेय, सीओ पुरवा रमेश चंद्र प्रलयंकर ने सभी बैरियर को चेक कर सभी को कड़े दिशा निर्देश दिए। कड़ी सुरक्षा के बाद एक मृतका का भाई परिवार की महिलाओं को साथ पुलिस को चकमा दे गांव से निकल गया। भीम आर्मी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सुनियोजित ढंग से सोहरामऊ के एक ढाबा में मृतका के भाई व परिवार की महिलाओं से मुलाकात कर बिंदुवार घटना की जानकारी ली।

मठ में चैन से सो रहे योगी, चंद्रशेखर 
पीड़ित परिवार से मिलने के बाद कानपुर में भर्ती किशोरी से मिलने की बात कह चंद्रशेखर काफिले के साथ भल्लाफार्म चौराहा पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से रूबरू होकर कहा कि योगी सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है। पुलिस का खुलासा सही नहीं है। मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। कहाकि सीएम को पीड़ित के परिवार से मिलना चाहिए। वह तो मठ पर चैंन की नींद सो रहे है। उन्हें बेटियों की चीख सुनाई नहीं देती है। असोहा के पीड़ित परिवार का दर्द नहीं दिखाई दे रहा है। 

पीड़ित परिवार से न मिलने देने का लगाया आरोप
भीम आर्मी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार के इशारे पर पुलिस ने उन्हें गांव जाने व पीड़ित परिवार से मिलने पर रोक लगाई है। जब से पीड़िता कानपुर के नर्सिंगहोम में भर्ती हुई थी, मेरी मांग पीड़िता को दिल्ली के एम्स रेफर कराने की थी। उन्होंने हाथरस की घटना का जिक्र कर सरकार से असोहा की घटना में कड़े कदम उठाने की मांग की। 

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