उत्तर प्रदेश:तीन दलित बच्चियों पर फेंका एसिड, एक की हालत गंभीर

 उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले (Uttar Pradesh Gonda District) से एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। यहां तीन नाबालिग दलित बहनों (Dalit Sisters) पर एसिड अटैक किया गया है। ये घटना 12 अक्टूबर की रात की है जब तीनों बहनें अपने घर में रात को सो रही थीं, तभी उनके ऊपर किसी ने एसिड फेंक (Acid Attack) दिया। इस एसिड अटैक में तनों ही दलित बच्चियां बुरी तरह झुलस गई हैं। इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल (District Hospital) में भर्ती करवाया गया है।


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चियों की उम्र 8, 10 और 15 वर्ष है और तीनों ही बच्चियों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। 2 बच्चियों की हालत स्थिर है जबकि तीसरी बच्ची का चेहरा बुरी तरह झुलस गया है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस के मुताबाकि एसिड फेंकने वाले की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट हुई है।

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इस मामले में गोंडा के एसपी शैलेश कुमार पांडे ने बताया कि लड़कियों पर जिस केमिकल से हमला किया गया, उसकी जांच हो रही है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपी जल्द से जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे। बता दें कि दो दिन पहले गोंडा से ही एक पुजारी पर हुए जानलेवा हमले की खबर सामने आई थी। इसमें राम जानकी मंदिर के पुजारी सम्राट दास को शनिवार (10 अक्टूबर) की रात गोली मार दी गई थी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

वहीं दूसरी हाथरस में 19 वर्षीय दलित युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म (Hathras Gangrape Case) के मामले में पीड़ित पक्ष को प्रशासन द्वारा इलाहाबाद हाइकोर्ट ले जाया गया। मामले की गंभिरता को देखते हुए कोर्ट ने स्वत: हाथरस गैंगरेप मामले में संज्ञान लिया है और पुलिस प्रशासन और सरकार को लापरवाही बरतने पर जमकर फटकार लगाई है। वहीं इस मामले में सीबीआई जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं। जल्द फोरेंसिक टीम हाथरस पहुंच मामले की छानबीन करेगी। हांलाकि परिवार वालों का कहना है कि जब उन्हें न्याय नहीं मिलेगा वे लोग अपनी बच्ची की अस्थियां विसर्जित नहीं करेंगे।

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